क्या आपने कभी सोचा है कि सोना अपनी कीमत से 10 गुना बढ़ सकता है? यह कोई अफवाह नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इन्वेस्टर्स में से एक, थॉमस कैप्लान का दावा है। और इस बार उन्होंने कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई है।कौन हैं थॉमस कैप्लान?थॉमस कैप्लान इलेक्ट्रम ग्रुप के चेयरमैन हैं, साथ ही नोवागोल्ड (NovaGold) और सनशाइन सिल्वर माइनिंग के भी चेयरमैन हैं। उन्होंने 2007 में अपनी एनर्जी कंपनी बेचकर सोने-चांदी को अपने परिवार की पूंजी का मुख्य आधार बना लिया था — यानी 2008 की वित्तीय मंदी के समय से ही वे गोल्ड बुल हैं। दशकों का अनुभव उनके शब्दों को बाज़ार में खास वज़न देता है।”यह अपरिहार्य है” — कैप्लान का बड़ा दावाअगस्त 2026 में Kitco News को दिए इंटरव्यू में कैप्लान ने साफ शब्दों में कहा कि यहां से सोने में 10 गुना तेज़ी आना “सिर्फ संभावना नहीं, बल्कि अपरिहार्य” है। उन्होंने बिना पूछे ही आंकड़े भी दे दिए — $30,000 से $50,000 प्रति औंस तक जाने की बात कही, और हाल की गिरावट को उन्होंने “1987 का पल” बताया, यानी एक अस्थायी झटका, न कि लंबी गिरावट की शुरुआत।यही नहीं, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि जैसे-जैसे सोना और कीमती होगा, कुछ सरकारें मुनाफे में चल रही खदानों का राष्ट्रीयकरण (nationalize) भी कर सकती हैं।जनवरी की रिकॉर्ड तेज़ी और उसके बाद की गिरावट समझने वाली बात यह है कि यह भविष्यवाणी हवा में नहीं की गई। जनवरी 2026 के अंत में सोना $5,600 प्रति औंस के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, और चांदी $120 के पार निकल गई थी। लेकिन 30 जनवरी की भारी बिकवाली में सोना गिरकर $4,400 और चांदी $64 तक आ गई।इस गिरावट पर भी कैप्लान डिगे नहीं। फरवरी 2026 में Business Insider से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सामान्य बाज़ार व्यवहार है, न कि सोने की लंबी अवधि की कहानी में कोई दरार। उनके शब्दों में — 2008 के वित्तीय संकट के बाद से उन्होंने सिर्फ सोने और चांदी पर ही भरोसा किया है।आखिर सोने को लेकर इतने आश्वस्त क्यों हैं कैप्लान?कैप्लान का पूरा तर्क तीन बड़े स्तंभों पर टिका है:फिएट करेंसी पर घटता भरोसा — डॉलर सहित दुनिया की कागज़ी मुद्राओं के भविष्य पर संदेह वैश्विक कर्ज़ का पहाड़ — दुनिया भर में सरकारी कर्ज़ लगातार बढ़ता जा रहा है केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां — जिस तरह से पैसा छापा जा रहा है, उसे वे “करेंसी डिबेजमेंट” यानी मुद्रा के अवमूल्यन का संकेत मानते हैं उनकी नज़र में सोना कोई सामान्य निवेश नहीं, बल्कि एक ऐसी करेंसी है जिसे कोई “डिबेज़” नहीं कर सकता।बड़े संस्थान भी बुलिश — पर आंकड़े थोड़े अलग सिर्फ कैप्लान ही नहीं, बड़े फाइनेंशियल संस्थान भी सोने को लेकर उत्साहित हैं, हालांकि उनके अनुमान कैप्लान जितने आक्रामक नहीं हैं:J.P. Morgan — 2026 के अंत तक $6,000/औंस और 2027 तक $6,300/औंसWells Fargo Investment Institute — 2026 के लिए $6,100–$6,300/औंस का लक्ष्य Bank of America — 2026 में $5,000/औंस तक पहुंचने का अनुमान गौर करने वाली बात यह है कि 21 अगस्त 2026 तक सोना करीब $4,600 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था — यानी जनवरी के रिकॉर्ड हाई से अब भी नीचे, पर संस्थागत अनुमानों की राह पर।क्या यह सच में निवेश की सलाह है?यहां एक बात साफ समझनी ज़रूरी है — यह लेख सिर्फ जानकारी देने के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। कैप्लान खुद NovaGold के चेयरमैन हैं, यानी सोने में तेज़ी से उनका सीधा फायदा भी जुड़ा है। साथ ही, बाज़ार के अनुमान — चाहे कितने भी भरोसेमंद विशेषज्ञ से आएं — गारंटी नहीं होते। जनवरी से फरवरी 2026 के बीच सोने में आई तेज़ गिरावट खुद इस बात का सबूत है कि कीमती धातुओं में भी भारी उतार-चढ़ाव मुमकिन है।अगर आप सोने में निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो अपनी रिसर्च करें और किसी वित्तीय सलाहकार से बात करना बेहतर रहेगा।निष्कर्षथॉमस कैप्लान जैसे अनुभवी निवेशक का यह दावा कि सोना 10 गुना बढ़ सकता है, निश्चित रूप से चौंकाने वाला है — और बड़े बैंकों के अनुमान भी इसी दिशा में इशारा कर रहे हैं। पर आखिरी फैसला हमेशा आपका अपना होना चाहिए, सोच-समझकर और पूरी जानकारी के साथ।यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट्स और इंटरव्यूज़ पर आधारित है। यह वित्तीय सलाह नहीं है।