Meta Description: Shiprocket Share Price आज NSE-BSE पर लिस्ट हुआ 35% प्रीमियम के साथ। जानें Shiprocket IPO price, GMP, लिस्टिंग गेन, कंपनी का बिज़नेस मॉडल और आगे का आउटलुक हिंदी में।
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Shiprocket ने शेयर बाज़ार में मचाई धूमभारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स शिपिंग और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket ने आज, 19 अगस्त 2026 को दलाल स्ट्रीट पर धमाकेदार एंट्री ली है। जिन निवेशकों ने Shiprocket के IPO में पैसा लगाया था, उनके चेहरे पर आज मुस्कान है, क्योंकि कंपनी के शेयर ने लिस्टिंग के पहले ही दिन तगड़ा मुनाफा दे दिया।अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Shiprocket share price today क्या है, इसने कितने प्रीमियम पर लिस्टिंग की, और आगे इस स्टॉक का क्या भविष्य हो सकता है — तो यह आर्टिकल पूरा पढ़िए। हमने इसमें हर वो जानकारी शामिल की है जो एक निवेशक या आम पाठक जानना चाहेगा।Shiprocket Share Price आज: लिस्टिंग डे की पूरी कहानीShiprocket के शेयरों ने आज NSE और BSE दोनों एक्सचेंजों पर शानदार डेब्यू किया।NSE पर लिस्टिंग प्राइस: करीब ₹130-131 प्रति शेयर, जो इश्यू प्राइस से लगभग 34-35% ज्यादा हैBSE पर लिस्टिंग प्राइस: करीब ₹129.50-130 प्रति शेयर, यानी लगभग 33-34% का प्रीमियमIPO इश्यू प्राइस: ₹97 प्रति शेयर (अपर प्राइस बैंड)यानी जिन निवेशकों को IPO में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें लिस्टिंग वाले दिन ही हर शेयर पर करीब ₹33-34 का सीधा मुनाफा मिल गया। यह किसी भी नए जमाने की स्टार्टअप कंपनी के लिए एक शानदार लिस्टिंग मानी जा रही है।Shiprocket IPO का पूरा डिटेल: प्राइस बैंड से लेकर सब्सक्रिप्शन तकShiprocket का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त हिट रहा। आइए एक नज़र डालते हैं इसके प्रमुख आंकड़ों पर:डिटेलजानकारीIPO प्राइस बैंड₹92 – ₹97 प्रति शेयरफाइनल इश्यू प्राइस₹97 प्रति शेयरकुल इश्यू साइज़लगभग ₹1,617 करोड़फ्रेश इश्यूलगभग ₹885.50 करोड़ऑफर फॉर सेल (OFS)लगभग ₹731.98 करोड़लॉट साइज़154 शेयरन्यूनतम निवेश (रिटेल)लगभग ₹14,938बिडिंग की तारीख12 अगस्त – 14 अगस्त 2026अलॉटमेंट डेट17 अगस्त 2026लिस्टिंग डेट19 अगस्त 2026कुल सब्सक्रिप्शनकरीब 99 गुनाGMP (लिस्टिंग से पहले)₹32-35IPO को कुल मिलाकर करीब 99 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिसमें Qualified Institutional Buyers (QIB) कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड देखी गई। यही वजह रही कि लिस्टिंग से पहले ही ग्रे मार्केट में Shiprocket के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे, और वही अनुमान लिस्टिंग के दिन सही साबित हुआ।Shiprocket कंपनी क्या करती है?अगर आप Shiprocket के बिज़नेस को नहीं जानते तो यहाँ संक्षेप में समझ लीजिए। Shiprocket एक ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म है, जो छोटे और मझोले ऑनलाइन सेलर्स, D2C ब्रांड्स और रिटेलर्स को शिपिंग, लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर फुलफिलमेंट और रिटर्न मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं देता है।कंपनी के दो मुख्य बिज़नेस सेगमेंट हैं:कोर बिज़नेस: लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर फुलफिलमेंट और रिटर्न मैनेजमेंट, जो कंपनी के करीब 73% रेवेन्यू का हिस्सा है और ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिटेबल हैइमर्जिंग बिज़नेस: कार्गो, वेयरहाउसिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग और वन-क्लिक चेकआउट जैसे टूल्सगुरुग्राम में हेडक्वार्टर वाली यह कंपनी 2011 में शुरू हुई थी और आज देशभर के हज़ारों मर्चेंट्स इसकी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। Temasek और Eternal (जोमैटो) जैसे बड़े निवेशक भी Shiprocket में पैसा लगा चुके हैं, जिससे कंपनी की साख और मजबूत होती है।Shiprocket के फाइनेंशियल नंबर्स: कमाई बढ़ी, घाटा भी बरकरारनिवेश से पहले किसी भी कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ को समझना ज़रूरी होता है। Shiprocket के आंकड़े मिले-जुले संकेत देते हैं:कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY26 में करीब 24% बढ़कर ₹2,024 करोड़ पर पहुंच गयाहालांकि कंपनी का नेट लॉस भी करीब 6.8% बढ़कर ₹79 करोड़ हो गयायानी Shiprocket टॉपलाइन (रेवेन्यू) में तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन अभी भी मुनाफे में नहीं आई है। यह एक ऐसी न्यू-एज टेक कंपनी है जो ग्रोथ पर फोकस कर रही है, इसलिए इसका IPO भी नेगेटिव P/E के साथ आया था। मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह रही है कि जो निवेशक जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, वही इसमें मध्यम रकम लगाने पर विचार करें।Shiprocket Share Price में आगे क्या हो सकता है?लिस्टिंग डे की शानदार परफॉर्मेंस के बाद अब सबके मन में यही सवाल है — क्या Shiprocket का शेयर आगे भी ऐसे ही तेज़ी दिखाएगा?इसका जवाब कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है:मार्केट सेंटीमेंट: अगर ओवरऑल शेयर बाज़ार में तेज़ी बनी रहती है, तो नए जमाने की टेक कंपनियों को इसका फायदा मिलता हैकंपनी की क्वार्टरली परफॉर्मेंस: आने वाले नतीजों में अगर रेवेन्यू ग्रोथ बरकरार रहती है और घाटा कम होता है, तो निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगाकॉम्पिटिशन: ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी ज्यादा है, इसलिए मार्केट शेयर बनाए रखना अहम रहेगालॉक-इन पीरियड: एंकर निवेशकों का लॉक-इन खत्म होने के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता हैजैसा कि हर शेयर बाज़ार निवेश में होता है, Shiprocket के शेयर में भी जोखिम है। निवेश से पहले अपनी रिस्क क्षमता को समझें और ज़रूरत पड़े तो किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह ज़रूर लें।Shiprocket Share Price से जुड़े सामान्य सवाल (FAQs)1. Shiprocket का शेयर आज किस कीमत पर लिस्ट हुआ?Shiprocket NSE पर करीब ₹130-131 और BSE पर करीब ₹129.50-130 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस ₹97 से करीब 34-35% ज्यादा है।2. Shiprocket IPO का इश्यू प्राइस क्या था?Shiprocket IPO का प्राइस बैंड ₹92-97 था और फाइनल इश्यू प्राइस ₹97 प्रति शेयर तय हुआ।3. Shiprocket IPO कितनी बार सब्सक्राइब हुआ था?Shiprocket का IPO कुल मिलाकर करीब 99 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें QIB कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड रही।4. क्या Shiprocket मुनाफे में है?नहीं, Shiprocket अभी नेट लॉस में है, हालांकि इसका रेवेन्यू तेज़ी से बढ़ रहा है।5. Shiprocket में किन बड़े निवेशकों का पैसा लगा है?Temasek और Eternal (जोमैटो) जैसे बड़े निवेशक Shiprocket में पहले से निवेश कर चुके हैं।6. क्या अभी Shiprocket शेयर खरीदना सही रहेगा?यह पूरी तरह आपकी रिस्क क्षमता और निवेश लक्ष्यों पर निर्भर करता है। कंपनी ग्रोथ स्टेज में है लेकिन अभी घाटे में है, इसलिए लॉन्ग टर्म नज़रिए और सावधानी के साथ ही फैसला लें।निष्कर्षShiprocket की शेयर बाज़ार में एंट्री ने साबित कर दिया है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा नए जमाने की टेक और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में अभी भी बरकरार है। लिस्टिंग डे पर मिला 34-35% का मुनाफा शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए तो खुशखबरी है, लेकिन लॉन्ग-टर्म नज़रिए से निवेश करने वालों को कंपनी की आने वाली तिमाही परफॉर्मेंस पर नज़र रखनी चाहिए।डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है, यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
Shiprocket ने शेयर बाज़ार में मचाई धूम
भारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स शिपिंग और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket ने आज, 19 अगस्त 2026 को दलाल स्ट्रीट पर धमाकेदार एंट्री ली है। जिन निवेशकों ने Shiprocket के IPO में पैसा लगाया था, उनके चेहरे पर आज मुस्कान है, क्योंकि कंपनी के शेयर ने लिस्टिंग के पहले ही दिन तगड़ा मुनाफा दे दिया।
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Shiprocket share price today क्या है, इसने कितने प्रीमियम पर लिस्टिंग की, और आगे इस स्टॉक का क्या भविष्य हो सकता है — तो यह आर्टिकल पूरा पढ़िए। हमने इसमें हर वो जानकारी शामिल की है जो एक निवेशक या आम पाठक जानना चाहेगा।
Shiprocket Share Price आज: लिस्टिंग डे की पूरी कहानी
Shiprocket के शेयरों ने आज NSE और BSE दोनों एक्सचेंजों पर शानदार डेब्यू किया।
NSE पर लिस्टिंग प्राइस: करीब ₹130-131 प्रति शेयर, जो इश्यू प्राइस से लगभग 34-35% ज्यादा है
BSE पर लिस्टिंग प्राइस: करीब ₹129.50-130 प्रति शेयर, यानी लगभग 33-34% का प्रीमियम
IPO इश्यू प्राइस: ₹97 प्रति शेयर (अपर प्राइस बैंड)
यानी जिन निवेशकों को IPO में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें लिस्टिंग वाले दिन ही हर शेयर पर करीब ₹33-34 का सीधा मुनाफा मिल गया। यह किसी भी नए जमाने की स्टार्टअप कंपनी के लिए एक शानदार लिस्टिंग मानी जा रही है।
Shiprocket IPO का पूरा डिटेल: प्राइस बैंड से लेकर सब्सक्रिप्शन तक
Shiprocket का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त हिट रहा। आइए एक नज़र डालते हैं इसके प्रमुख आंकड़ों पर:
डिटेल
जानकारी
IPO प्राइस बैंड
₹92 – ₹97 प्रति शेयर
फाइनल इश्यू प्राइस
₹97 प्रति शेयर
कुल इश्यू साइज़
लगभग ₹1,617 करोड़
फ्रेश इश्यू
लगभग ₹885.50 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)
लगभग ₹731.98 करोड़
लॉट साइज़
154 शेयर
न्यूनतम निवेश (रिटेल)
लगभग ₹14,938
बिडिंग की तारीख
12 अगस्त – 14 अगस्त 2026
अलॉटमेंट डेट
17 अगस्त 2026
लिस्टिंग डेट
19 अगस्त 2026
कुल सब्सक्रिप्शन
करीब 99 गुना
GMP (लिस्टिंग से पहले)
₹32-35
IPO को कुल मिलाकर करीब 99 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिसमें Qualified Institutional Buyers (QIB) कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड देखी गई। यही वजह रही कि लिस्टिंग से पहले ही ग्रे मार्केट में Shiprocket के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे, और वही अनुमान लिस्टिंग के दिन सही साबित हुआ।
Shiprocket कंपनी क्या करती है?
अगर आप Shiprocket के बिज़नेस को नहीं जानते तो यहाँ संक्षेप में समझ लीजिए। Shiprocket एक ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म है, जो छोटे और मझोले ऑनलाइन सेलर्स, D2C ब्रांड्स और रिटेलर्स को शिपिंग, लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर फुलफिलमेंट और रिटर्न मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं देता है।
कंपनी के दो मुख्य बिज़नेस सेगमेंट हैं:
कोर बिज़नेस: लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर फुलफिलमेंट और रिटर्न मैनेजमेंट, जो कंपनी के करीब 73% रेवेन्यू का हिस्सा है और ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिटेबल है
इमर्जिंग बिज़नेस: कार्गो, वेयरहाउसिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग और वन-क्लिक चेकआउट जैसे टूल्स
गुरुग्राम में हेडक्वार्टर वाली यह कंपनी 2011 में शुरू हुई थी और आज देशभर के हज़ारों मर्चेंट्स इसकी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। Temasek और Eternal (जोमैटो) जैसे बड़े निवेशक भी Shiprocket में पैसा लगा चुके हैं, जिससे कंपनी की साख और मजबूत होती है।
Shiprocket के फाइनेंशियल नंबर्स: कमाई बढ़ी, घाटा भी बरकरार
निवेश से पहले किसी भी कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ को समझना ज़रूरी होता है। Shiprocket के आंकड़े मिले-जुले संकेत देते हैं:
कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY26 में करीब 24% बढ़कर ₹2,024 करोड़ पर पहुंच गया
हालांकि कंपनी का नेट लॉस भी करीब 6.8% बढ़कर ₹79 करोड़ हो गया
यानी Shiprocket टॉपलाइन (रेवेन्यू) में तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन अभी भी मुनाफे में नहीं आई है। यह एक ऐसी न्यू-एज टेक कंपनी है जो ग्रोथ पर फोकस कर रही है, इसलिए इसका IPO भी नेगेटिव P/E के साथ आया था। मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह रही है कि जो निवेशक जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, वही इसमें मध्यम रकम लगाने पर विचार करें।
Shiprocket Share Price में आगे क्या हो सकता है?
लिस्टिंग डे की शानदार परफॉर्मेंस के बाद अब सबके मन में यही सवाल है — क्या Shiprocket का शेयर आगे भी ऐसे ही तेज़ी दिखाएगा?
इसका जवाब कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है:
मार्केट सेंटीमेंट: अगर ओवरऑल शेयर बाज़ार में तेज़ी बनी रहती है, तो नए जमाने की टेक कंपनियों को इसका फायदा मिलता है
कंपनी की क्वार्टरली परफॉर्मेंस: आने वाले नतीजों में अगर रेवेन्यू ग्रोथ बरकरार रहती है और घाटा कम होता है, तो निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा
कॉम्पिटिशन: ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी ज्यादा है, इसलिए मार्केट शेयर बनाए रखना अहम रहेगा
लॉक-इन पीरियड: एंकर निवेशकों का लॉक-इन खत्म होने के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है
जैसा कि हर शेयर बाज़ार निवेश में होता है, Shiprocket के शेयर में भी जोखिम है। निवेश से पहले अपनी रिस्क क्षमता को समझें और ज़रूरत पड़े तो किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह ज़रूर लें।
Shiprocket Share Price से जुड़े सामान्य सवाल (FAQs)
1. Shiprocket का शेयर आज किस कीमत पर लिस्ट हुआ?
Shiprocket NSE पर करीब ₹130-131 और BSE पर करीब ₹129.50-130 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस ₹97 से करीब 34-35% ज्यादा है।
2. Shiprocket IPO का इश्यू प्राइस क्या था?
Shiprocket IPO का प्राइस बैंड ₹92-97 था और फाइनल इश्यू प्राइस ₹97 प्रति शेयर तय हुआ।
3. Shiprocket IPO कितनी बार सब्सक्राइब हुआ था?
Shiprocket का IPO कुल मिलाकर करीब 99 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें QIB कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड रही।
4. क्या Shiprocket मुनाफे में है?
नहीं, Shiprocket अभी नेट लॉस में है, हालांकि इसका रेवेन्यू तेज़ी से बढ़ रहा है।
5. Shiprocket में किन बड़े निवेशकों का पैसा लगा है?
Temasek और Eternal (जोमैटो) जैसे बड़े निवेशक Shiprocket में पहले से निवेश कर चुके हैं।
6. क्या अभी Shiprocket शेयर खरीदना सही रहेगा?
यह पूरी तरह आपकी रिस्क क्षमता और निवेश लक्ष्यों पर निर्भर करता है। कंपनी ग्रोथ स्टेज में है लेकिन अभी घाटे में है, इसलिए लॉन्ग टर्म नज़रिए और सावधानी के साथ ही फैसला लें।
निष्कर्ष
Shiprocket की शेयर बाज़ार में एंट्री ने साबित कर दिया है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा नए जमाने की टेक और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में अभी भी बरकरार है। लिस्टिंग डे पर मिला 34-35% का मुनाफा शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए तो खुशखबरी है, लेकिन लॉन्ग-टर्म नज़रिए से निवेश करने वालों को कंपनी की आने वाली तिमाही परफॉर्मेंस पर नज़र रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है, यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।